देश में हर दिन 30 हजार से ज्यादा केस, कोरोना संक्रमण ,भारत में शुरू हुआ कोरोना का कम्युनिटी स्प्रेड

देश में दस लाख से ज़्यादा कोरोना संक्रमण के मामले सामने आ चुके हैं. इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) का कहना है कि ऐसा कम्युनिटी स्प्रेड की वजह से हो रहा है. एसोसिएशन का कहना है कि देश में हालत बहुत खराब है. कोरोना संक्रमण के मामलों में भारत अमेरिका और ब्राज़ील के बाद तीसरे स्थान पर है.

हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक, IMA हॉस्पिटल बोर्ड ऑफ इंडिया के चेयरमैन डॉक्टर वीके मोंगा ने कहा,

ये वृद्धि बहुत ज़्यादा है. हर दिन केस 30 हजार से ज्यादा आ रहे हैं. उन्होंने कहा कि बीमारी ग्रामीण इलाकों में फैल रही है. ये बुरा संकेत है. इससे पता चलता है कि कम्युनिटी स्प्रेड हो रहा है.

उन्होंने कहा,

दिल्ली में हम कंट्रोल करने में सफल रहे, लेकिन महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल, गोवा, मध्य प्रदेश के दूर-दराज के इलाकों का क्या?

कम्युनिटी स्प्रेड क्या है?

ये संक्रमण का तीसरा स्टेज है. इसमें लोग पॉजिटिव मिलते हैं, तो उनके संक्रमण का सोर्स नहीं पता चल पाता. इसे ही कम्युनिटी स्प्रेड कहते हैं. यानी ये पूरे समुदाय में फैलना शुरू हो जाता है. किसी को पता नहीं होता कि वायरस आया कहां से. जिनकी ट्रैवेल हिस्ट्री नहीं होती, वो भी पॉजिटिव पाए जाते हैं. ताबड़तोड़ बड़े इलाके एक साथ संक्रमित होते हैं और कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग नहीं हो पाती.

दूसरे राज्यों में भी आशंकाएं

भारत में कम्युनिटी स्प्रेड की आशंका पहले से जताई जा रही है. केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने 17 जुलाई को कहा था कि तिरुवनंतपुरम के कुछ तटीय इलाकों में कम्युनिटी स्प्रेड हो रहा है. तिरुवनंतपुरम ज़िले में उत्तर के एदावा से दक्षिण में पोझियूर तक के तटीय इलाके को क्रिटिकल कंटेनमेंट ज़ोन (CCZ) घोषित किया गया है और 18 जुलाई से 28 जुलाई तक यहां कड़े प्रतिबंध लागू रहेंगे. कम्युनिटी स्प्रेड को लेकर चिंताएं आंध्र प्रदेश, असम, बिहार, गुजरात, कर्नाटक, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल में भी हैं लेकिन यहां की राज्य सरकारों का कहना है कि कम्युनिटी स्प्रेड नहीं हो रहा है.

ICMR और टेस्टिंग

इस बीच इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) का कहना है कि ये टेस्टिंग की सुविधाओं को लगातार बढ़ा रहा है. फिलहाल, देश में 885 सरकारी लैब और 368 प्राइवेट लैब चेन कोविड-19 टेस्ट कर रही हैं. ICMR के मुताबिक, 17 जुलाई तक 1,34,33,742 सैंपल की टेस्टिंग हो चुकी है. शुक्रवार, 17 जुलाई को 3,61, 024 सैंपल की टेस्टिंग हुई.

10 लाख केस

हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट बताती है कि 2 मार्च से लेकर भारत में 137 दिनों में कोरोना के केस 10 लाख पहुंच गए. शुरुआती 2.5 लाख केस 98 दिनों में सामने आए. अगले 2.5 लाख केस को मात्र 19 दिन लगे. 8 जुलाई तक 10 लाख का आंकड़ा पूरा होने में 2.5 लाख केस बाकी थे. अगले 8 दिनों में ही इतने केस सामने आ गए. अब तक भारत में कोरोना के चलते 26, 816 लोगों की मौत हो चुकी है.

Leave a Reply